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40 नए चेहरों और 'नवीन-प्रवीण' फॉर्मूले से ममता रचेंगी चक्रव्यूह
कोलकाता। विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। राज्य की सत्ता पर लगातार चौथी बार कब्जा बरकरार रखने के संकल्प के साथ सत्तारूढ़ तृणमूल ने अपनी चुनावी बिसात बिछाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर मैराथन बैठकों का दौर जारी है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बार की उम्मीदवार सूची में बड़े उलटफेर और युवाओं को प्राथमिकता देने की स्पष्ट रणनीति दिखाई दे रही है। पार्टी के भीतर चल रही सुगबुगाहटों की मानें तो इस बार करीब 40 नए और युवा चेहरों को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी लंबे समय से एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत और संगठन के कायाकल्प की वकालत करते रहे हैं। माना जा रहा है कि उनकी इसी योजना के तहत इस बार छात्र परिषद, युवा विंग और पेशेवर जगत से जुड़े सक्रिय चेहरों को टिकट देकर सत्ता विरोधी लहर को काटने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, पार्टी अनुभवी दिग्गजों को भी दरकिनार नहीं कर रही है। टीएमसी इस बार नवीन और प्रवीण के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रही है। रणनीति यह है कि वरिष्ठ और कद्दावर नेताओं को उन क्षेत्रों में वैचारिक और संगठनात्मक कमान सौंपी जाए जहां विपक्षी दलों का प्रभाव अधिक है, जबकि युवा चेहरों को वहां से उतारा जाए जहां बदलाव की मांग प्रबल है।
इस बार की चयन प्रक्रिया में ग्लैमर और लोकप्रियता का तड़का भी लगने की संभावना है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि बंगाल की एक ख्यातिप्राप्त गायिका और हाल ही में सक्रिय राजनीति में कदम रखने वाली एक जानी-मानी अभिनेत्री को भी चुनावी रण में उतारा जा सकता है। इसके साथ ही, कई हेवीवेट मंत्रियों की विधानसभा सीटों में फेरबदल की भी योजना है। सूत्रों के अनुसार, चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक द्वारा जमीनी स्तर से जुटाए गए फीडबैक और हालिया उप-चुनावों के परिणामों के आधार पर उन सीटों की विशेष स्क्रूटनी की जा रही है जहां जीत का अंतर बहुत कम रहा था। तृणमूल कांग्रेस का लक्ष्य एक ऐसी संतुलित टीम तैयार करना है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मां, माटी, मानुष की छवि और अभिषेक बनर्जी की आधुनिक सांगठनिक दृष्टि के साथ विपक्ष की चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर सके।
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